यीशु का पुनरुत्थान और खाली कब्र
पद 1–101सब्त के दिन के बाद सप्ताह के पहिले दिन भोर फटते ही मरियम मगदलीनी और दूसरी मरियम कब्र को देखने आईं। 2और देखो एक बड़ा भूकम्प हुआ, क्योंकि प्रभु का एक दूत स्वर्ग से उतरा, और पास आकर उसने पत्थर को लुढ़का दिया, और उस पर बैठ गया। 3उसका रूप बिजली का सा और उसका वस्त्र पाले की नाईं उज्ज्वल था। 4उसके भय से पहरूए कांप उठे, और मृतक समान हो गए। 5स्वर्गदूत ने स्त्रियों से कहा, कि तुम मत डरो: मैं जानता हूँ कि तुम यीशु को जो क्रूस पर चढ़ाया गया था ढूंढ़ती हो। 6वह यहाँ नहीं है, परन्तु अपने वचन के अनुसार जी उठा है; आओ, यह स्थान देखो, जहाँ प्रभु पड़ा था।
7और शीघ्र जाकर उसके चेलों से कहो, कि वह मृतकों में से जी उठा है; और देखो वह तुम से पहिले गलील को जाता है, वहाँ उसका दर्शन पाओगे, देखो, मैं ने तुम से कह दिया। 8और वे भय और बड़े आनन्द के साथ कब्र से शीघ्र लौटकर उसके चेलों को समाचार देने के लिये दौड़ गई। 9और देखो, यीशु उन्हें मिला और कहा; ‘सलाम’ और उन्होंने पास आकर और उसके पाँव पकड़कर उस को दण्डवत किया। 10तब यीशु ने उन से कहा, मत डरो; मेरे भाइयों से जाकर कहो, कि गलील को चलें जाएं वहाँ मुझे देखेंगे॥
वह यहाँ नहीं है, परन्तु अपने वचन के अनुसार जी उठा है।
स्वर्गदूत का संदेश केवल यह नहीं था कि कब्र खाली है, बल्कि यह कि यीशु अपने कहे हुए वचन के अनुसार जी उठा है। पुनरुत्थान यीशु की अपनी भविष्यवाणी और परमेश्वर की योजना की पूर्ति के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
पहरूओं की सूचना और यीशु की कब्र की झूठी कहानी
पद 11–1511वे जा ही रही थीं, कि देखो, पहरूओं में से कितनों ने नगर में आकर पूरा हाल महायाजकों से कह सुनाया। 12तब उन्हों ने पुरनियों के साथ इकट्ठे होकर सम्मति की, और सिपाहियों को बहुत चांदी देकर कहा। 13कि यह कहना, कि रात को जब हम सो रहे थे, तो उसके चेले आकर उसे चुरा ले गए। 14और यदि यह बात हाकिम के कान तक पहुंचेगी, तो हम उसे समझा लेंगे और तुम्हें जोखिम से बचा लेंगे। 15सो उन्होंने रुपए लेकर जैसा सिखाए गए थे, वैसा ही किया; और यह बात आज तक यहूदियों में प्रचलित है॥
रात को जब हम सो रहे थे, तो उसके चेले आकर उसे चुरा ले गए।
इस विवरण में एक स्पष्ट विरोधाभास दिखाई देता है—पहरूओं को यह कहने के लिये कहा गया कि वे सो रहे थे, जबकि उसी समय उन्हें कब्र की रखवाली करने वाले पहरूओं के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
गलील में यीशु का दर्शन और महान आदेश
पद 16–2016और ग्यारह चेले गलील में उस पहाड़ पर गए, जिसे यीशु ने उन्हें बताया था। 17और उन्होंने उसके दर्शन पाकर उसे प्रणाम किया, पर किसी किसी को सन्देह हुआ। 18यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। 19इसलिये तुम जाकर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो।
20और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्त तक सदैव तुम्हारे संग हूं॥
स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है।
इसलिये तुम जाकर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो।
यीशु का आदेश केवल लोगों को सुसमाचार सुनाने तक सीमित नहीं है। इसमें चेला बनाना, बपतिस्मा देना और उसकी आज्ञाओं को मानना सिखाना शामिल है। यह कलीसिया की मिशनरी सेवकाई की मूल दिशा प्रस्तुत करता है।
और देखो, मैं जगत के अन्त तक सदैव तुम्हारे संग हूं॥
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