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मैं विनोद कुमार सब पवित्र लोगों में सबसे छोटा सबका सेवक, मेरे जीवन का लक्ष्य है प्रभु यीशु मसीह के प्रेम और उद्धार के सुसमाचार को संसार के छोर छोर तक और हर एक व्यक्ति तक पहुचाना और ये काम मैं मेरी आखरी सांस तक करता रहूँगा चाहे कितनी मुश्किलें और सताव आये.

यीशु ने कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, कि ऐसा कोई नहीं, जिस ने मेरे और सुसमाचार के लिये घर या भाइयों या बहिनों या माता या पिता या लड़के-बालों या खेतों को छोड़ दिया हो और अब इस समय सौ गुणा न पाए, घरों और भाइयों और बहिनों और माताओं और लड़के-बालों और खेतों को, पर उपद्रव के साथ और परलोक में अनन्त जीवन। 

मरकुस 10:28-29