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यीशु का जन्म 25 दिसंबर को हुआ था? सच क्या है

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kya yishu ka janam 25 december ko hua tha
क्रिसमस विशेष • बाइबल अध्ययन

यीशु का जन्म 25 दिसंबर को हुआ था? सच क्या है

बाइबल, इतिहास और परंपरा के आधार पर एक सरल और संतुलित उत्तर।

संक्षिप्त उत्तर

बाइबल यीशु के जन्म की सटीक तारीख नहीं बताती। 25 दिसंबर चर्च की एक पुरानी परंपरा है, बाइबल का आदेश नहीं।

जन्म कब हुआ, यह पक्का नहीं है। पर जन्म हुआ, यह बाइबल का साफ़ सत्य है।

हर साल दिसंबर आते ही एक सवाल उठता है: क्या यीशु का जन्म सच में 25 दिसंबर को हुआ था?

कुछ लोग कहते हैं कि यह तारीख गलत है। कुछ इसे पक्का सच मानते हैं।

आइए बाइबल और इतिहास से देखें कि यीशु का जन्म कब हुआ, इस बारे में क्या पता है और क्या नहीं।

1

बाइबल जन्म की तारीख नहीं बताती

मत्ती और लूका दोनों यीशु के जन्म का वर्णन करते हैं। पर किसी ने भी दिन, महीना या तारीख नहीं लिखी।

सुसमाचार लेखकों का ध्यान इस पर था कि जन्म किसका हुआ और क्यों हुआ। तारीख उनके लिए मुख्य बात नहीं थी।

सीधी बात: पूरे नए नियम में 25 दिसंबर का कोई उल्लेख नहीं है।

लूका 2:1-7 • मत्ती 1:18-25
2

चरवाहे और रात का मैदान

लूका बताता है कि जन्म की रात चरवाहे मैदान में अपने झुंड की रखवाली कर रहे थे।

कई लोग इसे सर्दी के विरुद्ध मानते हैं। उनका तर्क है कि दिसंबर की ठंडी रात में झुंड खुले में नहीं रखे जाते।

पर यह प्रमाण पक्का नहीं है। बेतलेहेम का मौसम और उस समय की चरवाही की रीति पर विद्वान एकमत नहीं हैं।

समझने की बात: चरवाहों वाला अंश एक संकेत हो सकता है, पर यह तारीख साबित नहीं करता।

लूका 2:8-12
3

जन्म का साल: लगभग 6 से 4 ई.पू.

मत्ती के अनुसार यीशु का जन्म राजा हेरोदेस के दिनों में हुआ। इतिहासकार मानते हैं कि हेरोदेस की मृत्यु लगभग 4 ई.पू. में हुई।

इसका मतलब है कि यीशु का जन्म इससे पहले हुआ होगा, यानी लगभग 6 से 4 ई.पू. के बीच।

आज का कैलेंडर बाद में बना। उसकी गणना में कुछ साल का अंतर रह गया, इसलिए “ईसवी सन्” की शुरुआत जन्म के साल से ठीक नहीं बैठती।

यह अनुमान बाइबल और इतिहास को साथ रखकर लगाया गया है। अलग-अलग विद्वान कुछ साल आगे-पीछे भी मानते हैं।

मत्ती 2:1 • लूका 2:1-2
4

25 दिसंबर की परंपरा कहाँ से आई?

जन्म की यह तारीख चौथी सदी में रोम के चर्च में जानी जाती है। उससे पहले के शुरुआती मसीही इसे उत्सव के रूप में नहीं मनाते थे।

धीरे-धीरे यह तारीख पूरे मसीही जगत में फैल गई। पूर्वी कलीसियाओं में कुछ जगह 6 जनवरी और 7 जनवरी की परंपराएँ भी चलीं।

याद रखें: यह चर्च के इतिहास की परंपरा है। इसे बाइबल की शिक्षा कहना ठीक नहीं।

5

25 दिसंबर क्यों चुनी गई? दो मत

इस पर विद्वानों में दो प्रमुख मत हैं। दोनों को जानना ठीक रहेगा।

पहला मत: रोमी पर्व का प्रभाव

रोम में इस समय सूर्य से जुड़ा एक पर्व मनाया जाता था। कुछ लोग मानते हैं कि चर्च ने उसी के आसपास यह तारीख रखी।

दूसरा मत: गणना का परिणाम

कुछ प्राचीन मसीही मानते थे कि यीशु की गर्भधारणा और क्रूस की तारीख एक ही थी। उस तारीख में नौ महीने जोड़ने पर 25 दिसंबर आती है।

कौन-सा मत सही है, यह इतिहासकारों में आज भी बहस का विषय है। किसी एक को पक्का सच कह देना ठीक नहीं होगा।

6

कुछ लोग सितंबर या अक्टूबर क्यों कहते हैं?

लूका बताता है कि यूहन्ना के पिता जकर्याह याजकों के अबिय्याह दल में थे। वे मंदिर की सेवा के समय स्वर्गदूत से मिले।

कुछ लोग उस दल की सेवा के समय से गिनकर यीशु के जन्म का अनुमान शरद ऋतु के आसपास लगाते हैं।

सावधानी: यह भी केवल एक गणना है। इसके आधार पर “असली तारीख मिल गई” कहना सही नहीं।

लूका 1:5-13
7

क्या तारीख जानना ज़रूरी है?

बाइबल हमें तारीख नहीं, जन्म का अर्थ बताती है। स्वर्गदूत ने चरवाहों से कहा कि उद्धारकर्ता का जन्म हुआ है।

पौलुस भी विशेष दिनों के बारे में लिखता है कि हर व्यक्ति अपने विश्वास और मन की सच्चाई से प्रभु के लिए निर्णय ले।

मुख्य बात: यीशु कब जन्मे, इससे ज़्यादा ज़रूरी है कि वे क्यों आए और हमारे लिए क्या किया।

लूका 2:10-11 • रोमियों 14:5-6
8

तो मसीही क्रिसमस कैसे मनाएँ?

तारीख चाहे जो हो, इस समय हम यीशु के आगमन को याद कर सकते हैं। इसे सादगी और आराधना के साथ मनाना अच्छा है।

  • परिवार के साथ लूका 2 और मत्ती 2 पढ़ें।
  • प्रार्थना करें और परमेश्वर का धन्यवाद दें।
  • ज़रूरतमंदों की मदद करें।
  • खर्च और दिखावे से ज़्यादा यीशु पर ध्यान रखें।

जो भाई इस तारीख को नहीं मानते, उनसे बहस करने के बजाय प्रेम से बात करें।

तो सच क्या है?

बाइबल यीशु के जन्म की तारीख नहीं बताती। 25 दिसंबर एक परंपरा है, और उसके पीछे के कारणों पर विद्वान एकमत नहीं हैं।

पर जन्म का सत्य बदलता नहीं। यीशु सचमुच आए, और यही क्रिसमस का असली संदेश है।

इसलिए तारीख की बहस से ऊपर उठकर हम उस उद्धारकर्ता को याद करें जो हमारे लिए आया।

एक निवेदन: इस विषय पर अलग-अलग कलीसियाओं की समझ अलग हो सकती है। अपनी कलीसिया के अगुवों से भी बात करें, और दूसरों की मान्यता का आदर रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या यीशु का जन्म सच में 25 दिसंबर को हुआ था?

यह पक्का नहीं है। बाइबल तारीख नहीं बताती, इसलिए 25 दिसंबर को निश्चित सत्य कहना ठीक नहीं।

क्या क्रिसमस मनाना बाइबल के विरुद्ध है?

बाइबल क्रिसमस मनाने का आदेश नहीं देती और मना भी नहीं करती। मुख्य बात मन की सच्चाई और यीशु का सम्मान है।

यीशु का जन्म किस साल हुआ?

इतिहास और बाइबल को साथ रखकर अधिकतर विद्वान इसे लगभग 6 से 4 ई.पू. के बीच मानते हैं।

ई.पू. में जन्म कैसे हो सकता है?

आज के कैलेंडर की गणना बाद में हुई और उसमें कुछ वर्ष का अंतर रह गया। इसलिए जन्म का वर्ष कैलेंडर के शून्य से थोड़ा पहले आता है।

चरवाहे मैदान में थे तो क्या जन्म सर्दी में नहीं हुआ?

कुछ लोग ऐसा मानते हैं, पर यह प्रमाण पक्का नहीं है। इसे सिर्फ एक संकेत की तरह देखना चाहिए।

क्रिसमस का असली अर्थ क्या है?

परमेश्वर का मनुष्य बनकर हमारे बीच आना और हमारे उद्धार का मार्ग खोलना।

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