आदम की वंशावली और शेत
पद 1–51आदम की वंशावली यह है। जब परमेश्वर ने मनुष्य की सृष्टि की तब अपने ही स्वरूप में उसको बनाया; 2उसने नर और नारी करके मनुष्यों की सृष्टि की और उन्हें आशीष दी, और उनकी सृष्टि के दिन उनका नाम आदम रखा। 3जब आदम एक सौ तीस वर्ष का हुआ, तब उसके द्वारा उसकी समानता में उसी के स्वरूप के अनुसार एक पुत्र उत्पन्न हुआ उसका नाम शेत रखा। 4और शेत के जन्म के पश्चात आदम आठ सौ वर्ष जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुईं। 5और आदम की कुल अवस्था नौ सौ तीस वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥
यह वंशावली मनुष्य की सृष्टि से आरम्भ होकर आगे आने वाली पीढ़ियों को जोड़ती है। यहाँ आदम के लिये फिर से परमेश्वर के स्वरूप में बनाए जाने का उल्लेख किया गया है।
शेत से महललेल तक की वंशावली
पद 6–176जब शेत एक सौ पांच वर्ष का हुआ, तब उसने एनोश को जन्म दिया। 7और एनोश के जन्म के पश्चात शेत आठ सौ सात वर्ष जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुईं। 8और शेत की कुल अवस्था नौ सौ बारह वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥ 9जब एनोश नब्बे वर्ष का हुआ, तब उसने केनान को जन्म दिया। 10और केनान के जन्म के पश्चात एनोश आठ सौ पन्द्रह वर्ष जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां हुई। 11और एनोश की कुल अवस्था नौ सौ पांच वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥ 12जब केनान सत्तर वर्ष का हुआ, तब उसने महललेल को जन्म दिया। 13और महललेल के जन्म के पश्चात केनान आठ सौ चालीस वर्ष जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुई। 14और केनान की कुल अवस्था नौ सौ दस वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥ 15जब महललेल पैंसठ वर्ष का हुआ, तब उसने येरेद को जन्म दिया। 16और येरेद के जन्म के पश्चात महललेल आठ सौ तीस वर्ष जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुई। 17और महललेल की कुल अवस्था आठ सौ पंचानवे वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥
येरेद और हनोक की वंशावली
पद 18–2418जब येरेद एक सौ बासठ वर्ष का हुआ, जब उसने हनोक को जन्म दिया। 19और हनोक के जन्म के पश्चात येरेद आठ सौ वर्ष जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुई। 20और येरेद की कुल अवस्था नौ सौ बासठ वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया। 21जब हनोक पैंसठ वर्ष का हुआ, तब उसने मतूशेलह को जन्म दिया। 22और मतूशेलह के जन्म के पश्चात हनोक तीन सौ वर्ष तक परमेश्वर के साथ-साथ चलता रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुईं। 23और हनोक की कुल अवस्था तीन सौ पैंसठ वर्ष की हुई। 24और हनोक परमेश्वर के साथ-साथ चलता था; फिर वह लोप हो गया क्योंकि परमेश्वर ने उसे उठा लिया।
हनोक का जीवन इस वंशावली में एक विशेष उदाहरण के रूप में सामने आता है—वह परमेश्वर के साथ-साथ चलता रहा और परमेश्वर ने उसे उठा लिया।
मतूशेलह की वंशावली
पद 25–2725जब मतूशेलह एक सौ सत्तासी वर्ष का हुआ, तब उसने लेमेक को जन्म दिया। 26और लेमेक के जन्म के पश्चात मतूशेलह सात सौ बयासी वर्ष जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुईं। 27और मतूशेलह की कुल अवस्था नौ सौ उनहत्तर वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥
लेमेक और नूह का जन्म
पद 28–3128जब लेमेक एक सौ बयासी वर्ष का हुआ, तब उसने एक पुत्र जन्म दिया। 29और यह कहकर उसका नाम नूह रखा, कि यहोवा ने जो पृथ्वी को शाप दिया है, उसके विषय यह लड़का हमारे काम में, और उस कठिन परिश्रम में जो हम करते हैं, हम को शान्ति देगा। 30और नूह के जन्म के पश्चात लेमेक पांच सौ पंचानवे वर्ष जीवित रहा, और उसके और भी बेटे बेटियां उत्पन्न हुईं। 31और लेमेक की कुल अवस्था सात सौ सतहत्तर वर्ष की हुई: तत्पश्चात वह मर गया॥
नूह का नाम उसके जन्म से जुड़ी उस आशा को व्यक्त करता है जिसमें कठिन परिश्रम और पृथ्वी के शाप के बीच शान्ति की अपेक्षा दिखाई देती है।
नूह के पुत्र
पद 3232और नूह पांच सौ वर्ष का हुआ; और नूह ने शेम, और हाम और येपेत को जन्म दिया॥
अध्याय नूह और उसके तीन पुत्रों—शेम, हाम और येपेत—के उल्लेख के साथ समाप्त होता है और अगले अध्याय की घटनाओं के लिये वंशावली की कड़ी तैयार करता है।
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