येपेत का वंश और जातियों का फैलाव
पद 1–51नूह के पुत्र जो शेम, हाम और येपेत थे उनके पुत्र जलप्रलय के पश्चात उत्पन्न हुए: उनकी वंशावली यह है॥ 2येपेत के पुत्र: गोमेर, मागोग, मादै, यावान, तूबल, मेशेक, और तीरास हुए। 3और गोमेर के पुत्र: अशकनज, रीपत, और तोगर्मा हुए। 4और यावान के वंश में एलीशा, और तर्शीश, और कित्ती, और दोदानी लोग हुए। 5इनके वंश अन्यजातियों के द्वीपों के देशों में ऐसे बंट गए, कि वे भिन्न भिन्न भाषाओं, कुलों, और जातियों के अनुसार अलग अलग हो गए॥
अध्याय की शुरुआत नूह के पुत्रों से निकलने वाली अलग-अलग वंश-रेखाओं को दर्ज करती है। यहाँ येपेत की वंश-रेखा के द्वारा विभिन्न कुलों, भाषाओं और जातियों में फैलाव का उल्लेख मिलता है।
हाम का वंश और निम्रोद का राज्य
पद 6–206फिर हाम के पुत्र: कूश, और मिस्र, और फूत और कनान हुए। 7और कूश के पुत्र सबा, हवीला, सबता, रामा, और सबूतका हुए: और रामा के पुत्र शबा और ददान हुए। 8और कूश के वंश में निम्रोद भी हुआ; पृथ्वी पर पहिला वीर वही हुआ है। 9वही यहोवा की दृष्टि में पराक्रमी शिकार खेलने वाला ठहरा, इस से यह कहावत चली है; कि निम्रोद के समान यहोवा की दृष्टि में पराक्रमी शिकार खेलने वाला। 10और उसके राज्य का आरम्भ शिनार देश में बाबुल, अक्कद, और कलने हुआ। 11उस देश से वह निकल कर अश्शूर को गया, और नीनवे, रहोबोतीर, और कालह को, 12और नीनवे और कालह के बीच रेसेन है, उसे भी बसाया, बड़ा नगर यही है। 13और मिस्र के वंश में लूदी, अनामी, लहाबी, नप्तूही, 14और पत्रुसी, कसलूही, और कप्तोरी लोग हुए, कसलूहियों में से तो पलिश्ती लोग निकले॥ 15फिर कनान के वंश में उसका ज्येष्ठ सीदोन, तब हित्त, 16और यबूसी, एमोरी, गिर्गाशी, 17हिव्वी, अर्की, सीनी, 18अर्वदी, समारी, और हमाती लोग भी हुए: फिर कनानियों के कुल भी फैल गए। 19और कनानियों का सिवाना सीदोन से ले कर गरार के मार्ग से हो कर अज्जा तक और फिर सदोम और अमोरा और अदमा और सबोयीम के मार्ग से हो कर लाशा तक हुआ। 20हाम के वंश में ये ही हुए; और ये भिन्न भिन्न कुलों, भाषाओं, देशों, और जातियों के अनुसार अलग अलग हो गए॥
हाम की वंशावली में निम्रोद का विशेष उल्लेख आता है। उसके विषय में उसकी सामर्थ्य और उसके राज्य के आरम्भ से जुड़े नगरों का विवरण दिया गया है।
शेम का वंश और एबेर तक की वंशावली
पद 21–2521फिर शेम, जो सब एबेरवंशियों का मूलपुरुष हुआ, और जो येपेत का ज्येष्ठ भाई था, उसके भी पुत्र उत्पन्न हुए। 22शेम के पुत्र: एलाम, अश्शूर, अर्पक्षद, लूद और आराम हुए। 23और आराम के पुत्र: ऊस, हूल, गेतेर और मश हुए। 24और अर्पक्षद ने शेलह को, और शेलह ने एबेर को जन्म दिया। 25और एबेर के दो पुत्र उत्पन्न हुए, एक का नाम पेलेग इस कारण रखा गया कि उसके दिनों में पृथ्वी बंट गई, और उसके भाई का नाम योक्तान है।
योक्तान का वंश और उसके रहने का स्थान
पद 26–3126और योक्तान ने अल्मोदाद, शेलेप, हसर्मावेत, थेरह, 27यदोरवाम, ऊजाल, दिक्ला, 28गोबाल, अबीमाएल, शबा, 29ओपीर, हवीला, और योबाब को जन्म दिया: ये ही सब योक्तान के पुत्र हुए। 30इनके रहने का स्थान मेशा से ले कर सपारा जो पूर्व में एक पहाड़ है, उसके मार्ग तक हुआ। 31शेम के पुत्र ये ही हुए; और ये भिन्न भिन्न कुलों, भाषाओं, देशों और जातियों के अनुसार अलग अलग हो गए॥
शेम की वंशावली आगे विभिन्न परिवारों और समूहों में फैलती दिखाई देती है। अध्याय बार-बार कुल, भाषा, देश और जाति के अनुसार अलग-अलग होने का उल्लेख करता है।
नूह के पुत्रों से पृथ्वी की जातियों का फैलाव
पद 3232नूह के पुत्रों के घराने ये ही हैं: और उनकी जातियों के अनुसार उनकी वंशावलियां ये ही हैं; और जलप्रलय के पश्चात पृथ्वी भर की जातियां इन्हीं में से हो कर बंट गई॥
उत्पत्ति 10 नूह के पुत्रों से निकलने वाले घरानों और जातियों का क्रम प्रस्तुत करता है और बताता है कि जलप्रलय के बाद पृथ्वी की जातियाँ इन्हीं वंश-रेखाओं में फैल गईं।
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