यूसुफ के साथ दो अधिकारियों का बन्दीगृह में आना
पद 1–71इन बातों के पश्चात ऐसा हुआ कि राजा के पिलानेहारे और पकानेहारे ने अपने स्वामी का कुछ अपराध किया। 2तब फिरौन ने अपने उन दोनों हाकिमों पर, अर्थात पिलानेहारों के प्रधान, और पकानेहारों के प्रधान पर क्रोधित होकर 3उन्हें कैद करा के जल्लादों के प्रधान के घर के उसी बन्दीगृह में, जहां युसुफ बन्धुआ था, डलवा दिया। 4तब जल्लादों के प्रधान ने उनको यूसुफ के हाथ सौंपा, और वह उनकी सेवा टहल करने लगा: सो वे कुछ दिन तक बन्दीगृह में रहे।
5और मिस्र के राजा का पिलानेहारा और पकानेहारा जो बन्दीगृह में बन्द थे, उन दोनों ने एक ही रात में, अपने होनेहार के अनुसार, स्वप्न देखा। 6बिहान को जब यूसुफ उनके पास अन्दर गया, तब उन पर दृष्टि की, तो क्या देखा, कि वे उदास हैं। 7सो उसने फिरौन के उन हाकिमों से, जो उसके साथ उसके स्वामी के घर के बन्दीगृह में थे, पूछा, कि आज तुम्हारे मुँह क्यों उदास हैं?
पिलानेहारे का स्वप्न और उसका अर्थ
पद 8–158उन्होंने उस से कहा, हम दोनों ने स्वप्न देखा है, और उनके फल का बताने वाला कोई भी नहीं। यूसुफ ने उनसे कहा, क्या स्वप्नों का फल कहना परमेश्वर का काम नहीं? मुझे अपना अपना स्वप्न बताओ। 9तब पिलानेहारों का प्रधान अपना स्वप्न यूसुफ को यों बताने लगा: कि मैंने स्वप्न में देखा, कि मेरे सामने दाखलता है; 10और उस दाखलता में तीन डालियां हैं: और उसमें मानो कलियां लगी हैं, और वे फूलीं और उसके गुच्छों में दाख लगकर पक गई:
11और फिरौन का कटोरा मेरे हाथ में था : सो मैंने उन दाखों को लेकर फिरौन के कटोरे में निचोड़ा, और कटोरे को फिरौन के हाथ में दिया। 12यूसुफ ने उस से कहा, इसका फल यह है; कि तीन डालियों का अर्थ तीन दिन है : 13सो अब से तीन दिन के भीतर तेरा सर ऊँचा करेगा, और फिर से तेरे पद पर तुझे नियुक्त करेगा, और तू पहले की नाईं फिरौन का पिलानेहारा होकर उसका कटोरा उसके हाथ में फिर दिया करेगा। 14सो जब तेरा भला हो जाए तब मुझे स्मरण करना, और मुझ पर कृपा करके फिरौन से मेरी चर्चा चलाना, और इस घर से मुझे छुड़वा देना। 15क्योंकि सचमुच इब्रानियों के देश से मुझे चुरा कर ले आए हैं, और यहां भी मैंने कोई ऐसा काम नहीं किया, जिसके कारण मैं इस कारागार में डाला जाऊं।
पकानेहारे का स्वप्न और उसका अर्थ
पद 16–1916यह देखकर, कि उसके स्वप्न का फल अच्छा निकला, पकानेहारों के प्रधान ने यूसुफ से कहा, मैंने भी स्वप्न देखा है, वह यह है : मैंने देखा, कि मेरे सिर पर सफेद रोटी की तीन टोकरियां हैं : 17और ऊपर की टोकरी में फिरौन के लिए सब प्रकार की पकी पकाई वस्तुएं हैं; और पक्षी मेरे सिर पर की टोकरी में से उन वस्तुओं को खा रहे हैं। 18यूसुफ ने कहा, इसका फल यह है; तीन टोकरियों का अर्थ तीन दिन है। 19सो अब से तीन दिन के भीतर फिरौन तेरा सिर कटवाकर तुझे एक वृक्ष पर टंगवा देगा, और पक्षी तेरे मांस को नोच नोच कर खाएंगे।
दोनों स्वप्नों का पूरा होना
पद 20–2220और तीसरे दिन फिरौन का जन्मदिन था, उसने अपने सब कर्मचारियों की जेवनार की, और उसने पिलानेहारों के प्रधान, और पकानेहारों के प्रधान दोनों को बन्दीगृह से निकलवाया। 21और पिलानेहारों के प्रधान को तो पिलानेहारे के पद पर फिर से नियुक्त किया, और वह फिरौन के हाथ में कटोरा देने लगा। 22पर पकानेहारों के प्रधान को उस ने टंगवा दिया, जैसा कि यूसुफ ने उनके स्वपनों का फल उनसे कहा था।
पिलानेहारे द्वारा यूसुफ को भूल जाना
पद 2323फिर भी पिलानेहारों के प्रधान ने यूसुफ को स्मरण न रखा; परन्तु उसे भूल गया।
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