सुसमाचार केवल शब्दों से नहीं, बल्कि हमारे कार्यों से भी प्रकट होता है।
इस वीडियो में हम उत्तराखंड के एक छोटे से गाँव की सच्ची घटना देखते हैं, जहाँ एक जरूरतमंद परिवार की मदद करते हुए यीशु मसीह का प्रेम साझा किया गया।
यह केवल सहायता नहीं थी — यह Evangelism by Works (कामों के द्वारा सुसमाचार प्रचार) का जीवित उदाहरण है।
गाँव में एक बहन रहती हैं जिनके पति की मृत्यु हो चुकी है।
वह अकेले अपने बच्चे का पालन-पोषण कर रही हैं।
- कोई सहारा नहीं
- आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर
- रोज़मर्रा की ज़रूरतें भी मुश्किल
यह स्थिति हमें अपने ही अतीत की याद दिलाती है, जब हमारा परिवार भी कठिनाइयों से गुजर रहा था।
इस सेवा के पीछे केवल मदद का भाव नहीं, बल्कि एक गहरी गवाही भी है।
“हमने भी इसी गाँव में मांग कर खाया है…
उसी दर्द को हमने जिया है…”
जब कोई व्यक्ति खुद दर्द से गुजरा होता है, तब उसकी सेवा में सच्चाई और संवेदनशीलता होती है।
AdiSamarth Foundation के माध्यम से इस परिवार के लिए:
- एक महीने का राशन दिया गया
- भविष्य के लिए सहायता की योजना बनाई गई
- सिलाई मशीन देने का निर्णय लिया गया
उद्देश्य केवल मदद करना नहीं था, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था।


