न्याय का चीखता हुआ सन्नाटा: क्या बाइबल का परमेश्वर वास्तव में ‘क्रूर’ है?
हम एक ऐसी पीढ़ी में जी रहे हैं जिसने ‘प्रेम’ को ‘सहमति’ (Consent) और ‘सहनशीलता’ का पर्याय बना दिया है। हमने परमेश्वर को एक ऐसे बूढ़े, दयालु दादाजी जैसा बना दिया है जो गलतियों को देखकर भी बस मुस्कुरा देते हैं। लेकिन जब हम उस परमेश्वर का सामना करते हैं…
