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मत्ती अध्याय 1 — बाइबल पाठ, व्याख्या और मुख्य शिक्षाएँ

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1

यीशु मसीह की वंशावली

पद 1–6
✦ महत्वपूर्ण वचन — पद 1

इब्राहीम की सन्तान, दाऊद की सन्तान, यीशु मसीह की वंशावली।

1इब्राहीम की सन्तान, दाऊद की सन्तान, यीशु मसीह की वंशावली। 2इब्राहीम से इसहाक उत्पन्न हुआ; इसहाक से याकूब उत्पन्न हुआ; और याकूब से यहूदा और उसके भाई उत्पन्न हुए। 3यहूदा से फिरिस, और यहूदा और तामार से जोरह उत्पन्न हुए; और फिरिस से हिस्रोन उत्पन्न हुआ, और हिस्रोन से एराम उत्पन्न हुआ।

4और एराम से अम्मीनादाब उत्पन्न हुआ; और अम्मीनादाब से नहशोन और नहशोन से सलमोन उत्पन्न हुआ। 5और सलमोन और राहब से बोअज उत्पन्न हुआ। और बोअज और रूत से ओबेद उत्पन्न हुआ; और ओबेद से यिशै उत्पन्न हुआ। 6और यिशै से दाऊद राजा उत्पन्न हुआ॥

💡 जानने योग्य

मत्ती अपने सुसमाचार की शुरुआत यीशु की वंशावली से करता है। इससे अध्याय की शुरुआत ही यीशु को इब्राहीम और दाऊद की वंश-परम्परा से जोड़ती है।

2

दाऊद से बाबुल की बन्धुवाई तक की वंशावली

पद 7–11

7और दाऊद से सुलैमान उस स्त्री से उत्पन्न हुआ जो पहिले उरिय्याह की पत्नी थी। 8और सुलैमान से रहबाम उत्पन्न हुआ; और रहबाम से अबिय्याह उत्पन्न हुआ; और अबिय्याह से आसा उत्पन्न हुआ; और आसा से यहोशफात उत्पन्न हुआ; और यहोशाफात से योराम उत्पन्न हुआ, और योराम से उज्ज़ियाह उत्पन्न हुआ। 9और उज्ज़ियाह से योताम उत्पन्न हुआ; और योताम से आहाज उत्पन्न हुआ; और आहाज से हिजकिय्याह उत्पन्न हुआ।

10और हिजकिय्याह से मनश्शिह उत्पन्न हुआ। और मनश्शिह से आमोन उत्पन्न हुआ; और आमोन से योशिय्याह उत्पन्न हुआ। 11और बन्दी होकर बाबुल जाने के समय में योशिय्याह से यकुन्याह, और उस के भाई उत्पन्न हुए॥

3

बाबुल की बन्धुवाई के बाद मसीह तक की वंशावली

पद 12–17

12बन्दी होकर बाबुल पहुंचाए जाने के बाद यकुन्याह से शालतिएल उत्पन्न हुआ; और शालतिएल से जरूब्बाबिल उत्पन्न हुआ। 13और जरूब्बाबिल से अबीहूद उत्पन्न हुआ, और अबीहूद से इल्याकीम उत्पन्न हुआ; और इल्याकीम से अजोर उत्पन्न हुआ। 14और अजोर से सदोक उत्पन्न हुआ; और सदोक से अखीम उत्पन्न हुआ; और अखीम से इलीहूद उत्पन्न हुआ।

15और इलीहूद से इलियाजार उत्पन्न हुआ; और इलियाजर से मत्तान उत्पन्न हुआ; और मत्तान से याकूब उत्पन्न हुआ। 16और याकूब से यूसुफ उत्पन्न हुआ; जो मरियम का पति था जिस से यीशु जो मसीह कहलाता है उत्पन्न हुआ॥ 17इब्राहीम से दाऊद तक सब चौदह पीढ़ी हुई और दाऊद से बाबुल को बन्दी होकर पहुंचाए जाने तक चौदह पीढ़ी और बन्दी होकर बाबुल को पहुंचाए जाने के समय से लेकर मसीह तक चौदह पीढ़ी हुई॥

🔎 ध्यान देने योग्य

पद 17 में वंशावली को तीन चरणों में प्रस्तुत किया गया है—इब्राहीम से दाऊद तक, दाऊद से बाबुल की बन्धुवाई तक, और बन्धुवाई से मसीह तक। इस तरह मत्ती पूरी वंशावली की कहानी को एक स्पष्ट संरचना में प्रस्तुत करता है।

4

यीशु मसीह का जन्म

पद 18–25

18अब यीशु मसीह का जन्म इस प्रकार से हुआ, कि जब उस की माता मरियम की मंगनी यूसुफ के साथ हो गई, तो उन के इकट्ठे होने के पहिले से वह पवित्र आत्मा की ओर से गर्भवती पाई गई। 19सो उसके पति यूसुफ ने जो धर्मी था और उसे बदनाम करना नहीं चाहता था, उसे चुपके से त्याग देने की मनसा की। 20जब वह इन बातों के सोच ही में था तो प्रभु का स्वर्गदूत उसे स्वप्न में दिखाई देकर कहने लगा; हे यूसुफ दाऊद की सन्तान, तू अपनी पत्नी मरियम को अपने यहां ले आने से मत डर; क्योंकि जो उसके गर्भ में है, वह पवित्र आत्मा की ओर से है।

✦ महत्वपूर्ण वचन — पद 21

वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा।

21वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा। 22यह सब कुछ इसलिये हुआ कि जो वचन प्रभु ने भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा था; वह पूरा हो।

✦ मसीह के विषय में महत्वपूर्ण घोषणा — पद 23

कि, देखो एक कुंवारी गर्भवती होगी और एक पुत्र जनेगी और उसका नाम इम्मानुएल रखा जाएगा जिस का अर्थ यह है “परमेश्वर हमारे साथ”।

23कि, देखो एक कुंवारी गर्भवती होगी और एक पुत्र जनेगी और उसका नाम इम्मानुएल रखा जाएगा जिस का अर्थ यह है “परमेश्वर हमारे साथ”।

✨ गहराई से समझें

इस अंश में यीशु के नाम और उसके उद्देश्य को एक साथ प्रस्तुत किया गया है। “यीशु” के विषय में कहा गया कि वह अपने लोगों का उनके पापों से उद्धार करेगा, जबकि “इम्मानुएल” का अर्थ “परमेश्वर हमारे साथ” बताया गया है।

24सो यूसुफ नींद से जागकर प्रभु के दूत की आज्ञा अनुसार अपनी पत्नी को अपने यहां ले आया। 25और जब तक वह पुत्र न जनी तब तक वह उसके पास न गया: और उस ने उसका नाम यीशु रखा॥

🙏 आज के लिये सीख

यूसुफ ने स्वर्गदूत की आज्ञा सुनने के बाद उसके अनुसार कार्य किया। इस passage में उसकी आज्ञाकारिता कहानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनती है।

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